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वो बचपन…


जवानी से अच्छा कहीं
एक बचपन हुआ करता था गालिब
जिसमें दुश्मनी की जगह
सिर्फ एक कट्टी हुआ करती थी…।।



कितने खुबसूरत हुआ करते थे,
बचपन के वो दिन

कि सिर्फ दो उंगलियाँ जुड़ने से दोस्ती फिर शुरू हो जाती थी।

उफ! ये महंगाई



---:::: | महंगाई | ::::---


'टमाटर' अस्सी का होग्या, 'आलू' होग्या तीस।
'दाळ' पूगी दो सौ नेड़ी, :भिंडी' पाव पच्चीस।।
'भिंडी' पाव पच्चीस, 'दूध' भी गयो पचासां पार।
जनता पर पड़ने लागी है, अब चौतरफा मार।।

'गोभी' और 'करेला' 'ककड़ी', कियाँ खरीदां मोल।
'लौकी' 'परवल' 'धनिया' 'मिर्ची', सब होग्या अनमोल।।
सब होग्या अनमोल, 'दही' भी लागण लाग्यो खाटो।
'चीणी' सरपट दौड़े, महंगो हुयो 'गेहुं' को आटो।।

'घी' :तेल' भी सस्ता होणे को नहीं लेवे नाम।
'चायपत्ती' 'मिर्च मसाला', सबका बढ्ग्या दाम।।
सबका बढ्ग्या दाम, 'बेसन' भी नब्बे पर पुग्यो।
'अच्छे-दिन' की आस आस में, जीणों मुश्किल हुग्यो।।

दिन दूणी बढती महंगाई, 'जनता' के खावेला।
एक बिचारो आम आदमी, कैयाँ जी पावेला।।
कहे कवि अब तो, दो 'मोदीजी' ध्यान।
वरना मिट्टी मे मिल जासी, लोगां रा अरमान।।

— आम आदमी (drived from Whatsapp Group)

🍊🍊🍊🍊🍊🍊🍊🍊🍊🍊

Mujhe dost ban ke daghaa na de…



Mere Humnafas, Mere Humnawa,
Mujhe Dost Ban Ke Daga Na De
Main Hoon Dard-e-Ishq Se Jaan-Valab,
Mujhe Zindagi Ki Dua Na De

Mere Daagh-e-Dil Se Hai Roshni,
Isi Roshni Se Hai Zindagi
Mujhe Darr Hai Ae Mere Chaaragar,
Yeh Chiraag Tu Hi Bujha Na De

Mujhe Ae Chhorh De Mere Haal Par,
Tera Kya Bharosa Hai Chaaragar
Yeh Teri Nawazish-e-Mukhtasar,
Mera Dard Aur Badha Na De

Mera Azm Itna Buland Hai
Ke Paraaye Sholo-n Ka Darr Nahin
Mujhe Khauf Aatish-e-Gul Se Hai,
Yeh Kahin Chaman Ko Jala Na De

Woh Uthein Hain Leke Hom-o-Subu,
Arrey O 'Shakeel' Kahan Hain Tu
Tera Jaam Lene Ko Bazm Mein
Koi Aur Haath Badha Na De!
Ye Dost Bhi Azeeb Hote Hai

Ye Dost Bhi Azeeb Hote Hai

YE DOST BHI AZEEB HOTE HAI


Ye Dost B Ajeeb Hotay Hain, Denay Pay Aaen To Jan Day Dain, Lenay Pay Aaen To Hansi Tak Cheen Lain, Kehnay Pay Aaen To Dil K Tmam Khano K Raz Tak Keh Dain, Chupanay Pay Aaen To Ye Tak Na Btaen K Khafa Q Hain, Naraz Honay Pay Aaen To Sans Tak Na Lenay Dain, Mnanay Pay Aaen To Apni Sanso Ko War Dain, Bus Dost Zindagi Mein Nahi Mila Krtay Blkay, Zindagi Doston Men Mila Krti Hai….
भूल जाना

भूल जाना


आपकी पलकोँ पर रह जाये कोई,

आपकी सांसो पर नाम लिख जाये कोई,

चलो वादा रहा 'भूल जाना' हमेँ,

अगर हमसे अच्छा दोस्त मिल जाये कोई॥
-RAMNIVAS BISHNOI

अन्दाज - ए - दोस्ती

अन्दाज - ए - दोस्ती

दोस्ती के कुछ अन्दाज़ होते हैँ,

जागती आंखोँ मेँ भी कुछ ख्वाब होते हैँ,

जरूरी नहीँ आंखोँ से गम मेँ आंसु निकले,

मुस्कराती आँखोँ मेँ भी सैलाब होते हैँ॥R॥

गजल : ऐतबार

गजल : ऐतबार

जो राह मिला वो प्यार के काबिल नहीँ होता,


हर चेहरा ऐतबार के काबिल नहीँ होता,


खिलने को तो खिल जाता है हर शाख नया फूल,


गुलशन हर एक बहार के काबिल नहीँ होता,


कहने को तो तिनका है डुबते का सहारा,


सब जानते हैँ तिनका कभी साहिल नहीँ होता,


मुश्किल नहीँ है झेलना दुश्मन को जहाँन् मेँ,


यारोँ इससे बङा कोई जाहिल नहीँ होता,


खंजर से हुए खून, तमंचे से हुए खून,


नजरोँ से बङा कोई कातिल नहीँ होता,


हम तो मुजाफ करते रहे सब की खता मेँ,


हम जैसा जिगर वाला ग़ाफिल नहीँ होता,


ललकार कर सुरमाओँ को दो हाथ तो करे,


पर कोई आगे बढ़ के मुकाबिल नहीँ होता॥R॥

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DOST!



Jyada gum jab se najare ho gaye,
Gardish me hamare sitare ho gaye….
Nibhayi hai kuch yaro ne dosti aisi,
Ki dushman bhi dost se pyare ho gaye..!!

मुस्कराते रहो

मुस्कराते रहो

हर जज़्बात को जुबान नहीँ मिलती,

हर आरजू को दुआ नहीँ मिलती,

मुस्कराहट बनाए रखो तो दुनिया है साथ,


आँसु को तो आँखोँ मेँ भी पनाह नहीँ मिलती॥R॥

मेरी दोस्ती

मेरी दोस्ती

बिकते हैँ गम प्यार के बाज़ार मेँ,

लाखोँ दर्द छिपे होते हैँ, एक छोटी सी 'इनकार' मेँ,

हो जायेँ अगर जमाने से दुखी,

तो स्वागत है मेरे दोस्ती के दरबार मेँ॥R॥
My contect no. <+91>9799<0> 85<7> 69
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हम हैँ ना!

हम हैँ ना!

पल दो पल मेँ मिलती हैँ खुशियां,

पल दो पल मेँ मिलते हैँ गम,

पर जो हर पल साथ निभाये,

वो दोस्त मिलते हैँ कम,

जैसे कि हम॥R॥

प्यार किसे कहते है?



एक दिन किसी ने फूल से पुछा :- तूने खुश्बू दी, तुझे क्या मिला?

फूल ने कहा :- देने के बदले लेना तो व्यापार है। "जो देकर ना मांगे वही
तो प्यार है॥R॥"
-RAMNIVAS BISHNOI

एस एम एस

एस एम एस

देखो! मौसम कितना सुहाना है,

भीगी बरसात का ज़माना है,

एक एस एम एस तो कर दो,

क्या BALANCE लेकर ससुराल जाना है॥R॥


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Sms! जाके मेरे दोस्त को Hello कहना,

Smile करे तो So Sweet कहना,

Delete करे तो कोई बात नहीँ, और हाँ

पढ़ने के बाद मुझे याद करे तो Same 2 U कहना॥R॥

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॥ मछली ॥

॥ मछली ॥

सोचो कि पानी से जुदा होके

मछलियाँ क्योँ तङप-तङप के मर जाती हैँ?

क्योँकि ना मालूम था उनको कि

नजदीकियाँ आदत और

आदत अक्सर ज़िन्दगी बन जाती है॥R॥

DO YOU KNOW?

||पानी मेँ ऑक्सीजन की कमी से मछलियाँ भी डूब कर मर जाती हैँ||

दोस्ती: एक गज़ल

दोस्ती: एक गज़ल

दोस्ती 'गज़ल' है गुनगुनाने के लिए,

दोस्ती नगमा है सुनाने के लिए,

दोस्ती सबको नहीँ मिलती, Q कि

हौँसला चाहिए दोस्ती निभाने के लिए॥R॥

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