गज़ल:- ॥ करम ॥

गज़ल:- ॥ करम ॥

करम है उसका कोई बद्दूआ नहीँ लगती। मेरे चिराग जले तो हवा नहीँ लगती॥तुम्हारे प्यार की जंजीर मेँ बँधा हुँ मैँ। सजा ये कैसी मिली, सजा ही नहीँ लगती॥ये जिन्दगी...
फ्री वेब होस्टीँग

फ्री वेब होस्टीँग

दोस्तोँअगर आप फ्री मेँ वेब होस्ट की तलाश कर रहे हो और वो भी बिना विज्ञापन वाली तो यह पोस्ट खास कर आपके लिये ही है आप यहाँ क्लिक करके रजिस्ट्रेशन फॉर्म...
Copyright © 2012-2016 Mast Shayri
Template by Ram Nivas Bishnoi
Distributed By Get1 Templates